जब तक तà¥à¤®à¤®à¥‡à¤‚ दूसरों के दोष देखने की आदत मौजूद है, तब तक तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिठईशà¥à¤µà¤° का साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार करना अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ कठिन है |